भारत सरकार की
योजना
क्रिया कलाप
उपलब्धि
खेलो इंडिया

Welcome to Yuva Kalyanविभागीय नीति एवं कार्य

ग्रामीणों में आत्मबल एवं साम्प्रदायिक सौहार्द स्थापित करने उनमें आत्म निर्भरता एवं अनुशासन की आदत डालने तथा आत्म सुरक्षा एवं अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से वर्ष 1947 में प्रान्तीय रक्षक दल का गठन किया गया था । वर्ष 1952 में काउन्सिल आफ फिजिकल कल्चर को प्रान्तीय रक्षक दल में विलीन कर दिया गया, जिसके फलस्वरूप ग्रामीण खेलकूद, व्यायामशालाओं के माध्यम से शारीरिक सम्बर्द्धन का कार्य एवं युवा आन्दोलन को सुदृढ करने का कार्य प्रारम्भ किया गया । Readmore

विभाग की प्रमुख योजनाएं/ कार्यक्रम

प्रदेश के ग्रामीण युवाओं के बहुमुखी विकास हेतु विभाग द्वारा निम्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है-

  • ग्रामीण युवाओं में खेलकूद के प्रति अभिरूचि उत्पन्न करने, हेतु भारत सरकार की योजना "खेलो इण्डिया' आरम्भ की गयी है।
  • वित्तीय वर्ष-2013-14 तक भारत सरकार की योजना"पंचायत युवा क्रीङा और खेल अभियान योजना" के अन्तर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर 10804 तथा क्षेत्र पंचायत स्तर पर 198 खेल मैदान का विकास कराया गया है।
  • प्रदेश में भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार की योजना "ग्रामीण स्टेडियमों की स्थापना" के अन्तर्गत कुल81 स्टेडियमों की स्थापना की गयी है।
  • ग्रामीण क्षेत्र के अभ्यासी खिलाडियों को आगे बढने का अवसर सुलभ कराये जाने के क्रम में भारत सरकार की योजनान्तर्गत 14 वर्ष  एवं 17 वर्ष तक की आयु के बालक बालिकाओं की अंगीकृत खेल विधाओं में विकास खण्ड स्तर से लेकर राज्य स्तर तक की प्रतियोगिताओं के आयोजन के उपरान्त राष्टीय स्तर की प्रतियोगिताओं में प्रतिवर्ष प्रतिभाग कराया जाता है।
  • सभी आयुवर्ग के खिलाडियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार की योजना"ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता" के अन्तर्गत निर्धारित खेल विधाओं में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन कराया जाता है।
  • उपर्युक्त लक्ष्य की प्राप्ति हेतु युव/महिला मंगल दल प्रोत्साहन योजनानतर्गत प्रत्येक ग्राम पंचायत स्तर पर 13 से 35 आयुवर्ग के ग्रामीण युवाओं को युवक मंगल दल तथा महिला मंगल दल के रूप में गठन किया जाता है। गठित दलों का पंजीकरण सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अन्तर्गत कराया जाता है तथा दलों द्वारा सामाजिक कार्यों तथा ग्रामीण खेलकूद, वृक्षारोपण, परिवार कल्याण, अल्प बचत योजना, वृद्धा एवं विधवाओं को पेन्शन दिलाने में योगदान, दहेज प्रथा उन्मूलन, अन्तर्जातीय एवं विधवाविवाह, प्रौढ़ शिक्षा, श्रमदान कार्य एवं आर्थिक कार्यक्रमों में सहभागिता सुनिश्चित करने पर अग्रणी युवक/महिला मंगल दलों को रू० 2,000/- की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • राष्ट निर्माण एवं सामाजिक कार्यकमों में युवाओं का योगदान योजनानतर्गत ग्रामीण युवाओं में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के प्रति अभिरूचि उत्पन्न कर प्रदेश की परम्परागत लोक सांस्कृतियों की प्रस्तुति कराये जाने के क्रम में जनपद स्तरीय सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रतियोगिताएं तथा मण्डल स्तरीय सांस्क़तिक कार्यक्रमों की चयन प्रतियोगितायें आयोजित करायी जाती है। इसके अतिरिक्त युवाओं को समाज के प्रति संवेदनशील बनाने,उनका सर्वांगीण विकास करने,उनके अन्दर नेतृत्व के गुणों का विकास करने, सामाजिक दायित्वों का बोध कराने तथा शासन द्वारा जनपदों में चलायी जा रही विकास योजनाओं के संबंध में जनपद स्तर पर 03 दिवसीय एवं राज्य स्तर पर 05 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाता है।
  • सांस्कृ़तिक क्षेत्र की ग्रामीण प्रतिभाओं को अपनी प्रतिभाग का उच्च स्तरीय प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ्ाये जाने हेतु भारत सरकार द्वारा निर्धारित विधाओं में राज्य स्तरीय युवा उत्सव का आयोजन कर भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्टीय युवा उत्सव में प्रतिभाग कराया जाता है।
  • प्रदेश एवं भारत सरकार की लोकहितार्थ चलाई जा रही योजनाओं से जनसामान्य को भिज्ञ कराये जाने के उदद्देश्य से ग्रामीण युवाओं के माध्यम से साइकिल रैली, प्रदर्शनी एवं सांस्क़तिक कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता कायर्क्रम संचालित किया जाता है।
  • उपर्युक्त लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु ग्रामीण युवाओं को प्रान्तीय रक्षक दल संगठन में भर्ती कर वर्दी सहित प्रारम्भिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है एवं उनकों स्टेट आफ फिटनेस में बनाये रखने एवं उनका टर्न आउट ठीक बनाये रखने हेतु प्रशिक्षण भी प्रदान कराया जाता है। प्रशि्क्षित जवानो को समाज सेवा, सुरक्षा सम्बन्धी कार्यों से सम्बद्ध करने हेतु लोक महत्व के कार्य यथा-निर्वाचन, मेला, प्रदर्शनी, तीर्थ यात्रा एवं शान्ति व्यवस्था सम्बन्धी कार्यों के निष्पादन हेतु पुलिस बल के सहयोगार्थ लगाया जाता है। ड्यूटी अवधि में प्रति जवान, प्रतिदिन रू० 250/- की दर से ड्यूटी भत्ते का भुगतान किया जाता है।
  • भारत एवं प्रदेश सरकार के अन्य विभागों द्वारा संचालित कार्यक्रमों यथा-राष्टीय युवा पुरस्कार, युवाओं के कल्याणार्थ स्वैच्छिक संस्थाओं का वित्त पोषण कराने एवं युवाओं में पर्यटन को बढावा देकर राष्टीय एकीकरण की भावना को सुदृढ करने के उद्देश्य से युवा छात्रावास का संचालन आदि कराया जाता है।

उपरोक्त से सम्बन्धित विवरण कियाकलाप बिन्दु से जोडकर देखा जा सकता है।

  • युवाओं के सर्वागीण विकास हेतु राष्टीय युवा नीति के आधार पर राज्य की युवा नीति तैयार की गयी है। राष्टीय युवा नीति देखने हेतु कृपया भारत सरकार की वेबसाइट-http://yas.nic.in पर जाएं।